उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट: केदारनाथ यात्रा, मद्महेश्वर यात्रा और फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही रोकी गई
हाइलाइट्स
प्रदेश के सभी जिलों में रेड अलर्ट जारी, अगले 18 घंटे तक बेहद भारी बारिश की चेतावनी
केदारनाथ और मद्महेश्वर यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, सभी यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
फूलों की घाटी में भी फिलहाल पर्यटकों की आवाजाही बंद, मंगलवार को डेढ़ सौ लोगों का रेस्क्यू
कई इलाकों में स्कूल बंद, विशेषकर पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों में
पिछले 24 घंटे में देहरादून के मालदेवता में 222.2 मिमी, अन्य जिलों में भी सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज
ताजा हालात और सरकारी निर्देश
१. केदारनाथ, मद्महेश्वर यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पौड़ी सहित सभी पर्वतीय जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ों पर भूस्खलन और रास्तों पर मलबा आने का खतरा।
प्रशासन और पुलिस ने केदारनाथ, मद्महेश्वर जैसे अतिसंवेदनशील तीर्थस्थलों पर यात्रा अगले दो दिन के लिए पूरी तरह रोक दी है।
अधिकारियों के आदेश: सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच सभी पड़ावों पर सेक्टर अधिकारी तैनात, यात्रियों और स्थानीय लोगों को पैदल मार्ग पर भी आवाजाही बंद।
२. फूलों की घाटी में आवाजाही पर अस्थायी रोक
चमोली में स्थित ‘फूलों की घाटी’ में मंगलवार को अचानक मौसम बिगड़ने पर वन विभाग की टीम ने गाइडों के सहयोग से 150 संचालित पर्यटकों को रेस्क्यू किया था।
स्थिति सामान्य होने एवं मौसम अनुकूल होने के बाद ही घाटी को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
३. स्कूलों की छुट्टी
कई जगहों पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी/निजी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र बंद।
जिला प्रशासन ने आपदा की आशंका को देखते हुए स्कूल अवकाश के आदेश जारी किए।
४. बारिश और आपदा का आंकलन
पिछले 24 घंटे में देहरादून के मालदेवता में 222.2 मिमी, नरेंद्रनगर में 148.5 मिमी, नैनीताल में 83 मिमी, बागेश्वर में 120 मिमी, अन्य जिलों में भी अत्यधिक बारिश दर्ज हुई।
उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र समेत कई स्थानों पर बादल फटने, नदियों के उफान और भूस्खलन से भारी नुकसान, कई लोग लापता—भारतीय सेना, आईटीबीपी, NDRF राहत-बचाव कार्य में लगे हैं।
सरकारी व मौसम विभाग की सलाह
अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करें, सभी नदी-नालों से दूर रहें।
पर्वतीय इलाकों में रह रहे स्थानीय नागरिक आश्रय स्थलों में शिफ्ट करें, खतरे वाले क्षेत्रों में न जाएं।
मौसम अपडेट, प्रशासनिक आदेश और अलर्ट को लगातार फॉलो करें।
जान-माल की सुरक्षा के लिए किसी अफवाह से बचें, प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीम की सलाह पर अमल करें।
उत्तराखंड में जारी भारी बारिश और रेड अलर्ट के मद्देनज़र प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल पूरी तरह मुस्तैद हैं। यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनुरोध है कि वे पूरी सावधानी और धैर्य रखकर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
लाइव मौसम अलर्ट, सड़क की स्थिति और यात्रा संबंधी अपडेट के लिए उत्तराखंड मौसम विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की वेबसाइट/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नियमित देखें।



